तुम सोचते हो कि, हमारी यह हालत किसने कर दी है
मैं कहता हूँ, क्या तुम स्वयमं इसके लिए जिम्मेदार नही हो,
क्योंकि तुमने कभी शोषण का विरोध ही नही किया।
विचारों या अहिंसा से इसका जवाब ही नही दिया,
गर तुम खड़े होते संगठित होकर,
अन्याय व शोषण के दमन के लिए
तो किसकी मजाल होती आज
जो तुम्हे अपमानित करता बेखौफ होकर।
उठो अभी भी वक्त है, सुनहरे कल के लिए,
शिक्षित बनो और संगठित रहो, जंग के लिए,
ये जंग हथियारों व हिंसा की नही हो सकती
बिना ईश्वरीय प्रेम व सत्य के क्रांति हो नही सकती।
राज
Thursday, November 26, 2009
कलम उठाया है...
घूमते हैं चारो तरफ़, इंसानों के वेश में शैतान
करलो अपने देश में आज, उनकी पहचान
खरीद लेते हैं वें, पुलिस को, रिपोर्ट दर्ज होती नही,
आम इन्सान की कद्र, वहां फ़िर होती नही।
बम-विष्फोट से करते हैं वें, जनता को आतंकित,
अच्छे लोग हैं उनकी नियत से, आज भी आशंकित,
घोटालो पे घोटाले कराते है ये लोग,
जनता का पैसा भी दिन दहाड़े खाते हैं लोग,
कैसे देश मुक्त होगा, इनसे, सोचता हूँ मैं,
इसलिए कलम उठाया है, लिखने को मैं।
राज
करलो अपने देश में आज, उनकी पहचान
खरीद लेते हैं वें, पुलिस को, रिपोर्ट दर्ज होती नही,
आम इन्सान की कद्र, वहां फ़िर होती नही।
बम-विष्फोट से करते हैं वें, जनता को आतंकित,
अच्छे लोग हैं उनकी नियत से, आज भी आशंकित,
घोटालो पे घोटाले कराते है ये लोग,
जनता का पैसा भी दिन दहाड़े खाते हैं लोग,
कैसे देश मुक्त होगा, इनसे, सोचता हूँ मैं,
इसलिए कलम उठाया है, लिखने को मैं।
राज
Tuesday, November 24, 2009
हमारा समाज
कहते है लोग सारे, समाज हमारा खराब है
अच्छा करदे कोई आकर, दिल की बस ये मुराद है।
कौन आयेगा कहाँ से, इसे ठीक करने के लिए,
जब मुल्क ही सारा ऐसे बर्बाद है।
आज हमको अपना करतब सूझता नही,
कहते है दूसरो की कार्य-शैली अंधकार है।
हे भाइयो, आओ अपना घर स्वयं बनाये,
दूसरो के सिर पर न, जिम्मेदारी ठहराए।
गर आज न जागकर, कुछ करेंगे हम,
तो दुनिया में, सबसे पीछे ही रहेंगे हम।
फ़िर किसी का कहना कि, समाज हमारा खराब है,
ख़ुद बताएगा कि, समाज का हर शख्स इसका जिम्मेदार है।
राज
अच्छा करदे कोई आकर, दिल की बस ये मुराद है।
कौन आयेगा कहाँ से, इसे ठीक करने के लिए,
जब मुल्क ही सारा ऐसे बर्बाद है।
आज हमको अपना करतब सूझता नही,
कहते है दूसरो की कार्य-शैली अंधकार है।
हे भाइयो, आओ अपना घर स्वयं बनाये,
दूसरो के सिर पर न, जिम्मेदारी ठहराए।
गर आज न जागकर, कुछ करेंगे हम,
तो दुनिया में, सबसे पीछे ही रहेंगे हम।
फ़िर किसी का कहना कि, समाज हमारा खराब है,
ख़ुद बताएगा कि, समाज का हर शख्स इसका जिम्मेदार है।
राज
हिन्दी-अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों का प्रयोग
English Hindi words got mixed up
Hindi- (Meaning in English) English
1. Yugo (many years) = You go
2. banana (to build) = banana
3. kam (work) =Come
4. chiz (a thing) =cheese
5. Mor (Indian national bird) = More
6. Shor (noise) =Shore
7. Dadee (grandmother) =Dady
8. Thus (ten) =Thus
9. sub (all) =sub
10. do (two) =do/though
11. upper (above) =Upper
12. sood (interest) =sooth
13. sing (horn) =sing
14. ding (big talk) =ding
15. cheel (kite, a bird) =chill
16. bad (later) =bad
17. ki (that) =key
18. chiz (a thing) =cheese
19. sheep (snail ) =sheep
20. moot (urine) =mute
21. kub (lion’s baby) =Cub
22. much (to make) =Much
23. put (son) =Put
24. Such (true) =Such
25. But (a tree) =But
26. mail (peace) = mail
27. tel (oil) = tail
28. him (snow) =Him
29. gum (sad emotions) =gum
30. holi (a festival) =Holy
31. good (a sweet) =Good
32. hut (move) =Hut
33. lo (take) =low
34. sara (total, all) =Sarah
३५. foot (division) =foot
कुछ और आगे भी है ...
राज
Hindi- (Meaning in English) English
1. Yugo (many years) = You go
2. banana (to build) = banana
3. kam (work) =Come
4. chiz (a thing) =cheese
5. Mor (Indian national bird) = More
6. Shor (noise) =Shore
7. Dadee (grandmother) =Dady
8. Thus (ten) =Thus
9. sub (all) =sub
10. do (two) =do/though
11. upper (above) =Upper
12. sood (interest) =sooth
13. sing (horn) =sing
14. ding (big talk) =ding
15. cheel (kite, a bird) =chill
16. bad (later) =bad
17. ki (that) =key
18. chiz (a thing) =cheese
19. sheep (snail ) =sheep
20. moot (urine) =mute
21. kub (lion’s baby) =Cub
22. much (to make) =Much
23. put (son) =Put
24. Such (true) =Such
25. But (a tree) =But
26. mail (peace) = mail
27. tel (oil) = tail
28. him (snow) =Him
29. gum (sad emotions) =gum
30. holi (a festival) =Holy
31. good (a sweet) =Good
32. hut (move) =Hut
33. lo (take) =low
34. sara (total, all) =Sarah
३५. foot (division) =foot
कुछ और आगे भी है ...
राज
Monday, November 23, 2009
हरियाली
ऐ हरियाली तुम मुझे अच्छी लगती हो
तुम अपने स्वरुप से मेरा मन मोहती हो।
कितनी तुम आकर्षक हो, ये सोचता हू मै
नही तुम्हारा विकल्प भी, ये देखता हू मै।
तुम्हे ही माना गया है, मानक खुशहाली का
तुम ही चिहन हो, सभ्य जीवन शैली का।
सराहने पर भी तुम, घमंडी नही लगती
है ये बात सिखने की, किसी को बुरी नही लगती
कुछ गावो-शहरो में आजकल तुम्हारी धूम है
असभ्य है वो शहर-गाव जो तुम से मरहूम है।
राज
तुम अपने स्वरुप से मेरा मन मोहती हो।
कितनी तुम आकर्षक हो, ये सोचता हू मै
नही तुम्हारा विकल्प भी, ये देखता हू मै।
तुम्हे ही माना गया है, मानक खुशहाली का
तुम ही चिहन हो, सभ्य जीवन शैली का।
सराहने पर भी तुम, घमंडी नही लगती
है ये बात सिखने की, किसी को बुरी नही लगती
कुछ गावो-शहरो में आजकल तुम्हारी धूम है
असभ्य है वो शहर-गाव जो तुम से मरहूम है।
राज
सुंदर देश
गंदगी गाँव-शहर में बढती ही जा रही है
परेशां ये सबको करती ही जा रही है।
पूरे समाज की परेशानी है ये, जानते है सब लोग
फ़िर भी अपने कर्त्तव्य से अनजान है ये लोग।
प्लास्टिक व कागजो की, सड़क पर भरमार है।
सही जगह पर फेंकने की, नही किसी को सरोकार है।
सोचते हैं देशवासी अपने, दूसरो का है ये काम
इसलिए "सफाई जाग्रति अभियान भी, रहा है नाकाम
गंदगी फेंककर यहाँ वहां, शान से चलते है लोग
बहाना समय बचत का, कितने ही बनाते है लोग।
गंदगी फेको सही जगह पर, देश सुंदर बनाये
अपने को, और देश को, सभ्य कहलवाए
साफ-सुंदर देश की चर्चा फेलेगी चारो और
बीमारी और प्रदूषण भी भाग जायेंगे दूर ।
राज
परेशां ये सबको करती ही जा रही है।
पूरे समाज की परेशानी है ये, जानते है सब लोग
फ़िर भी अपने कर्त्तव्य से अनजान है ये लोग।
प्लास्टिक व कागजो की, सड़क पर भरमार है।
सही जगह पर फेंकने की, नही किसी को सरोकार है।
सोचते हैं देशवासी अपने, दूसरो का है ये काम
इसलिए "सफाई जाग्रति अभियान भी, रहा है नाकाम
गंदगी फेंककर यहाँ वहां, शान से चलते है लोग
बहाना समय बचत का, कितने ही बनाते है लोग।
गंदगी फेको सही जगह पर, देश सुंदर बनाये
अपने को, और देश को, सभ्य कहलवाए
साफ-सुंदर देश की चर्चा फेलेगी चारो और
बीमारी और प्रदूषण भी भाग जायेंगे दूर ।
राज
Saturday, November 21, 2009
ईश्वर और मानवता
गन्दी राजनीति की भी हद होती है। पिछले कुछ सालो से मराठी के नाम पर मुंबई में भी हद हो गयी है। हर महीने कुछ न कुछ ओछापन दिखाया जा रहा है। कुछ महीनो पहले उत्तर भारतीयों पर हमले किए गए। कुछ रोज़गार की तलाश में गए लोगो को निशाना बनाया गया। कुछ railway परीक्षा देने wale, लडको ko भी इसी विचारधारा के शिकार होना पड़ा।
अब ये ही लोग कल २० नवम्बर को IBN-7 के कार्यालय में जबरन घुस गए और वहां मौजूद सब लोगो के साथ मारपीट करने लगे। मीडिया वालो का सामान भी तोड़ दिया। गालिया दी, शिवसेना जिंदाबाद के नारे भी लगाये। ये सब हुआ पार्टी की पिछले चुनावो की हार के बाद।
अब बाल ठाकरे साहब कह रहे है कि "मीडिया कोई भगवान नही है यह सही है कि मीडिया ईश्वर नही है। लेकिन ईश्वर की स्रष्टि तो है। साहब हम आपसे एक सवाल पूछते है क्या आपकी नज़र में ईश्वर से गौण सभी मानव इत्यादि का कोई सम्मान है ?
अब ये ही लोग कल २० नवम्बर को IBN-7 के कार्यालय में जबरन घुस गए और वहां मौजूद सब लोगो के साथ मारपीट करने लगे। मीडिया वालो का सामान भी तोड़ दिया। गालिया दी, शिवसेना जिंदाबाद के नारे भी लगाये। ये सब हुआ पार्टी की पिछले चुनावो की हार के बाद।
अब बाल ठाकरे साहब कह रहे है कि "मीडिया कोई भगवान नही है यह सही है कि मीडिया ईश्वर नही है। लेकिन ईश्वर की स्रष्टि तो है। साहब हम आपसे एक सवाल पूछते है क्या आपकी नज़र में ईश्वर से गौण सभी मानव इत्यादि का कोई सम्मान है ?
Sunday, November 8, 2009
बेटी के प्रति प्यार
बेटी अच्छी हो जाना , नही कभी घबराना तुम,
पिता का प्रेम है तुम्हारे साथ, जरा न संशय करना तुम।
दुःख की घडी में, हिम्मत न कभी हारना,
मुसीबतों में तुम, हौंसला ऊँचा रखना।
बीमारी और संकट सदा साथ नही रहेंगे,
आंसू और पीडा को, प्रभु सदा के लिए दूर करेगे।
थोडे समय के दुःख को, shashvat नही मानना,
ठीक हो जाओगी फिर से तुम, हिम्मत नही हारना।
राज
पिता का प्रेम है तुम्हारे साथ, जरा न संशय करना तुम।
दुःख की घडी में, हिम्मत न कभी हारना,
मुसीबतों में तुम, हौंसला ऊँचा रखना।
बीमारी और संकट सदा साथ नही रहेंगे,
आंसू और पीडा को, प्रभु सदा के लिए दूर करेगे।
थोडे समय के दुःख को, shashvat नही मानना,
ठीक हो जाओगी फिर से तुम, हिम्मत नही हारना।
राज
Saturday, November 7, 2009
चिंता करले अपनी
जग में अकेला आया था तू, अकेला ही जाएगा,
जो तेरे साथ है, सब को छोड़ जाएगा।
धन, सुन्दरता, कमाई तेरी, पीछे रह जायेगी,
तेरी जीवन संगनी भी साथ तेरे न जायेगी।
जब जाना है अकेला, तो चिंता करले अपनी तू ,
साथ न कोई देगा तेरा मीत, सोच ले इस बारे में तू।
क्या साथ देगा तेरा, कौन तुझे बचायेगा ?,
प्रभु के निर्णय से, क्या मन तेरा नही घबराएगा।
यदि तूने सोचा है नही, तो करले शुरुवात तू,
बचा समय है इसीके लिए, करले ईश-गुणगान तू।
राज
जो तेरे साथ है, सब को छोड़ जाएगा।
धन, सुन्दरता, कमाई तेरी, पीछे रह जायेगी,
तेरी जीवन संगनी भी साथ तेरे न जायेगी।
जब जाना है अकेला, तो चिंता करले अपनी तू ,
साथ न कोई देगा तेरा मीत, सोच ले इस बारे में तू।
क्या साथ देगा तेरा, कौन तुझे बचायेगा ?,
प्रभु के निर्णय से, क्या मन तेरा नही घबराएगा।
यदि तूने सोचा है नही, तो करले शुरुवात तू,
बचा समय है इसीके लिए, करले ईश-गुणगान तू।
राज
Friday, November 6, 2009
अपना भारत
जब मेल चारो ओर होगा, न कोई दुश्मन, न कोई दुष्ट होगा,
तब भारतीयता दिखाई देगी, और न कोई अपना या पराया होगा।
जब बंज़र और रेगिस्तान में भी, पक्षियों का कोलाहल होगा,
तब मेरा भारत अति सुन्दर और हरा-भरा होगा।
जब गरीब का साथ देगा धनी, अंतर न होंगे दोनो में,
तब मेरा भारत चमकेगा विश्व के कोने कोने में।
जब लड़किया जाएँगी स्कूल में, शिक्षा का प्रसार होगा,
तब मेरा भारत आगे बढेगा, और एक अन्धकार का अंत होगा।
जब देश का हर नागरिक, समझेगा अपनी जिम्मेदारी को,
अंत होगा भारत की गन्दी गलियों का, जितेगें हर बीमारी को।
जब किसान पायेगा पूरा फल, अपनी गाढी मेहनत का,
तब भारत किसी का, मोहताज नही होगा, होगा अंत शोषण का।
जब तक देशवासी अपना, खाने, कपडे, और मकान से मरहूम होगा,
तब तक न 'भारत चमकने' की बात का, मुझे कभी विश्वास होगा।
राज
तब भारतीयता दिखाई देगी, और न कोई अपना या पराया होगा।
जब बंज़र और रेगिस्तान में भी, पक्षियों का कोलाहल होगा,
तब मेरा भारत अति सुन्दर और हरा-भरा होगा।
जब गरीब का साथ देगा धनी, अंतर न होंगे दोनो में,
तब मेरा भारत चमकेगा विश्व के कोने कोने में।
जब लड़किया जाएँगी स्कूल में, शिक्षा का प्रसार होगा,
तब मेरा भारत आगे बढेगा, और एक अन्धकार का अंत होगा।
जब देश का हर नागरिक, समझेगा अपनी जिम्मेदारी को,
अंत होगा भारत की गन्दी गलियों का, जितेगें हर बीमारी को।
जब किसान पायेगा पूरा फल, अपनी गाढी मेहनत का,
तब भारत किसी का, मोहताज नही होगा, होगा अंत शोषण का।
जब तक देशवासी अपना, खाने, कपडे, और मकान से मरहूम होगा,
तब तक न 'भारत चमकने' की बात का, मुझे कभी विश्वास होगा।
राज
अपनी भाषा का महत्तव
अपनी भाषा की बात ही अलग है। इसमें जो भी मन में आता है वह वयक्त करने में कठिनाई नही होती। इस ब्लॉग पर मैं कुछ अपने मन की बातें सब के सामने रखना चाहता हूँ । ईश्वर की कृपा और दया से जो ज्ञान मिला है, उसे सबके सामने रखने से खुशी मिल रही है।
यदि आप को कुछ अच्छा लगे तो जरुर लिखकर बताना।
आपका दोस्त
राज
यदि आप को कुछ अच्छा लगे तो जरुर लिखकर बताना।
आपका दोस्त
राज
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हार न मान कभी जीवन में , बढ जा आगे, जंग कर पीछे न हट लक्ष्य से, कर साहस, दरवाज़ा न बंद कर, गर हे शोषित, तुम प्रयत्त्न करोगे, जीत तुम्ह...