गन्दी राजनीति की भी हद होती है। पिछले कुछ सालो से मराठी के नाम पर मुंबई में भी हद हो गयी है। हर महीने कुछ न कुछ ओछापन दिखाया जा रहा है। कुछ महीनो पहले उत्तर भारतीयों पर हमले किए गए। कुछ रोज़गार की तलाश में गए लोगो को निशाना बनाया गया। कुछ railway परीक्षा देने wale, लडको ko भी इसी विचारधारा के शिकार होना पड़ा।
अब ये ही लोग कल २० नवम्बर को IBN-7 के कार्यालय में जबरन घुस गए और वहां मौजूद सब लोगो के साथ मारपीट करने लगे। मीडिया वालो का सामान भी तोड़ दिया। गालिया दी, शिवसेना जिंदाबाद के नारे भी लगाये। ये सब हुआ पार्टी की पिछले चुनावो की हार के बाद।
अब बाल ठाकरे साहब कह रहे है कि "मीडिया कोई भगवान नही है यह सही है कि मीडिया ईश्वर नही है। लेकिन ईश्वर की स्रष्टि तो है। साहब हम आपसे एक सवाल पूछते है क्या आपकी नज़र में ईश्वर से गौण सभी मानव इत्यादि का कोई सम्मान है ?
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