हे पथिक, निराश न हो, परेशान न हो, चलता चल, मिल जाएगी मंजिलें
गर तू हार गया हिम्मत तो, कौन तुझे संभालेगा, ये सच भी तू जान ले
बाधाओं को पार करके, अपने जीवन को सवांर ले , याद क्रर ये तथ्य
जीवन को सुन्दर बनाना, अभावो के बावजूद, ये भी संसार का एक कथ्य
बढ़ता जा अडिग होकर, स्वर्णिम भविष्य करता प्रतीक्षा, तुम्हारी
कर दिखा ऐसा, जीवन में जो, अब तक दूसरो ने, करी नहीं तैयारी
सोच न दूसरे, कैसे बढे आगे, क्या युक्ति, उन्होंने यहां लगाई
तुम अपनी जीवन की करो चिंता, और परिश्रम से बात बन जाई

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