तुम सोचते हो कि, हमारी यह हालत किसने कर दी है
मैं कहता हूँ, क्या तुम स्वयमं इसके लिए जिम्मेदार नही हो,
क्योंकि तुमने कभी शोषण का विरोध ही नही किया।
विचारों या अहिंसा से इसका जवाब ही नही दिया,
गर तुम खड़े होते संगठित होकर,
अन्याय व शोषण के दमन के लिए
तो किसकी मजाल होती आज
जो तुम्हे अपमानित करता बेखौफ होकर।
उठो अभी भी वक्त है, सुनहरे कल के लिए,
शिक्षित बनो और संगठित रहो, जंग के लिए,
ये जंग हथियारों व हिंसा की नही हो सकती
बिना ईश्वरीय प्रेम व सत्य के क्रांति हो नही सकती।
राज
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मौत न गले लगाना तुम...
कहा किसी ने, "दुनिया का काम है कहना" ये बात पते की है, अपने लक्ष्य पर, रखो निशाना, बाकि चीज़े सारी, धता सी है... मैं होकर परेशां...
-
हे पथिक, निराश न हो, परेशान न हो, चलता चल, मिल जाएगी मंजिलें गर तू हार गया हिम्मत तो, कौन तुझे संभालेगा, ये सच भी तू जान ले बाधाओ...
-
नेता जी क्यों भूल गए हो आप हमारे इस क्षेत्र को ? जिसमें वायदे किए थे, तुमने, हम आएंगे, फ़िर भी मिलने। "एक बार बस हमें जिता दो, संसद भवन ...
-
हार न मान कभी जीवन में , बढ जा आगे, जंग कर पीछे न हट लक्ष्य से, कर साहस, दरवाज़ा न बंद कर, गर हे शोषित, तुम प्रयत्त्न करोगे, जीत तुम्ह...
No comments:
Post a Comment