परिचय : यीशु मसीह क्रूस पर, अपने लोगों के लिए पीड़ित था। उसने परमेश्वर का क्रोध अपने ऊपर ले लिया। दरअसल, पापी तो हम थे। सजा के हकदार हम थे। हमें परमेश्वर के न्याय का सामना करना था, लेकिन यीशु मसीह ने यह सब पूरा
किया। वह हमारा छुडानेवाला बना।
प्रभु यीशु
हमारे स्थान पर मर गया, 1पतरस 2:24 वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर
लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया, प्रभु यीशु कहते है, प्रकाश.1:18 मैं
मर गया था, और अब देख; मैं युगानुयुग जीवता हूं; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियां मेरे
ही पास हैं।
मुख्य भाग: यहाँ शुभ समाचार ये है
कि यीशु मसीह ने मौत
को हरा दिया और वह तीसरे दिन मृतकों में से फिर से उठ गया। उसने फिर से उन वादों के अनुसार जी उठके दिखाया, जो उसने पवित्रशास्त्र में किए थे,
जबकि वह गरीबों, ज़रूरतमंदों और बीमारों के लिए काम कर रहा था।
यीशु मसीह ने शैतान
को पराजित किया, जिसने सोचा,
उसने क्रूस पर यीशु को समाप्त कर दिया। लेकिन यीशु ने मौत पर विजय प्राप्त की। पौलुस पूछता है,
1
कुरिन्थियों 15:55
", हे मृत्यु तेरी जीत कहाँ, है ? हे मृत्यु कहां तुम्हारा डंक
है ? हमारा प्रभु मृत्यु से बढ़कर है.
प्रेरित पोलुस ने
पूछा , कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा?
क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? रोमियों 8:35. ऐसी सामर्थ किसी में नही.
जीवन
के लिए पाठ
: मसीह के ऊपर मृत्यु का कोई अधिकार नही। जैसे कि मसीह ने मृत्यु और शैतान को हराया, हम भी पुनरुत्थान
की शक्ति के माध्यम से मृत्यु व् शैतान की सामर्थ को हरा सकते हैं। परमेश्वर के वचन में विश्वासियों के पुनरुत्थान का वादा किया गया है। परमेश्वर अपने लोगों को
इस दुनिया के सभी कोनों से खुद इकट्ठा करेंगे
(मत्ती 24:31)।
एक साधारण शारीरिक
मृत्यु के बाद भी जीवन है।
हमारी आत्मा व् शरीर, परमेश्वर पिता के सुरक्षित
हाथों में है . कुछ भी इसे नुकसान नहीं पहुंचा सकता, क्योंकि यह सर्वशक्तिमान के प्रभु के हाथो में है। परमेश्वर अपने विश्वासियों को मृत्यु और खतरों से बचाएगा। अगर विश्वाशी
को मृत्यु से होकर जाना पड़े तो भी वह सुरक्षा के घेरे में है. इस दुनिया
की बीमारी, भ्रष्ट वाताबरण और मृत्यु उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकते । विश्वासी परमेश्वर के हाथों में सुरक्षित हैं।ह्लेलुया ! हम एक जीवित उद्धारकर्ता की सेवा करते हैं!
आप सभी को ईस्टर की
शुभकामनाएँ!
No comments:
Post a Comment