ठाकरे परिवार के लोगो ने आजकल मुंबई को अपनी संपत्ति मान लिया है. वे लोग कहते फिर रहें हैं कि "मुंबई मराठियों की है", "मुंबई में वही काम करेगा जो ठाकरे परिवार के दृष्टिकोण से फिट होगा" अरे भाई किसने आपको ये अधिकार दे दिया है? क्या मुंबई आपकी पारिवारिक संपत्ति है क्या ? क्या आपको नहीं मालूम कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत एक है? और इस भारत विशाल का कोई भी बेटा या बेटी जो जहाँ चाहे बस सकता है, और जो जहाँ चाहे काम कर सकता है.
ठाकरे परिवार के लोगो को अपनी राजनीति करनी चाहिए, लेकिन इससे देश की शान और अखंडता में आंच नहीं आनी चाहिए. स्वार्थी राजनीति लम्बे समय तक नहीं चलती, और सब लोगो को मूर्ख नहीं बना सकती.
आज ये लोग सिर्फ मुंबई की मांग कर रहें हैं. यदि इनसे निपटा नहीं गया तो कल को पूरे महारास्ट्र को अलग बताएँगे.इन्ही लोगो के पदचिन्हों पर चलकर कोई कोलकत्ता और पूरे वेस्ट बंगाल इत्यादी की मांग करेगा. इसलिए भारत सरकार को चाहिए कि भारतदेश की अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों से सख्ती से निबटे. इससे उभरते नेताओं को, आने वाले समय की राजनीति करने में एक पाठ सिखने को मिलेगा. और हमारा प्यारा देश अखंडित होकर विश्व में चमकते ही रहेगा.
पुराना दस्तावेज देखना पड़ेगा , कहीं अंग्रेजों ने इन्हें पट्टे पर तो नही दे दिया था ?
ReplyDeletesahi farmaya Ajay jee :)
ReplyDeleteAaj sham men India TV ne Raj Thakre ki tulna (similarities) Jinna se kar dee hai, jo is bat ka parichayak hai ki yen vichar trutipuran nahi hain.