दुःख लगता है मुझे
जंगल को कटते देखते,
सह नही सकता अब मैं
जंगलो को उजड़ते देखते।
लोगो को समझाऊँगा,
जंगल का न नाश करो,
अपने ही जीवन पर
ऐसे न प्रहार करो।
जंगल हैं, हमारे जीवन की आश,
इनका न करो ऐसे विनाश,
इस विनाश को रोकना ही होगा
तब ही तो हमारा कुछ भविष्य होगा।
राज
Saturday, December 12, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मौत न गले लगाना तुम...
कहा किसी ने, "दुनिया का काम है कहना" ये बात पते की है, अपने लक्ष्य पर, रखो निशाना, बाकि चीज़े सारी, धता सी है... मैं होकर परेशां...
-
हे पथिक, निराश न हो, परेशान न हो, चलता चल, मिल जाएगी मंजिलें गर तू हार गया हिम्मत तो, कौन तुझे संभालेगा, ये सच भी तू जान ले बाधाओ...
-
नेता जी क्यों भूल गए हो आप हमारे इस क्षेत्र को ? जिसमें वायदे किए थे, तुमने, हम आएंगे, फ़िर भी मिलने। "एक बार बस हमें जिता दो, संसद भवन ...
-
हार न मान कभी जीवन में , बढ जा आगे, जंग कर पीछे न हट लक्ष्य से, कर साहस, दरवाज़ा न बंद कर, गर हे शोषित, तुम प्रयत्त्न करोगे, जीत तुम्ह...
No comments:
Post a Comment