गाँव अपने चारो ओर से
खूब सुंदर बनायेंगे,
जिले ओर देश में भी
सभ्य कहलवायेंगे।
कूड़े-करकट को हम अब
एक जगह रखवायेंगे,
खाली जगह में चारो ओर,
हरे पेड़ लगवाएंगे।
फ़िर न होगा दूषित वातावरण,
शुद्ध हवा हम पाएंगे,
अच्छा स्वस्थ्य पाकर हम,
आगे को बढ़ते जायेंगे।
हमारे सुंदर गाँव की चर्चा
होवेगी फ़िर चारो ओर,
प्रेरणा हमसे पाकर के
गाँव बनेगें सुंदर और।
राज
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मौत न गले लगाना तुम...
कहा किसी ने, "दुनिया का काम है कहना" ये बात पते की है, अपने लक्ष्य पर, रखो निशाना, बाकि चीज़े सारी, धता सी है... मैं होकर परेशां...
-
हो गया है घोर अन्नाय रुचिका के साथ, भाई और पिता भी पिस गए, बिना किसी बात। राठौर जैसे पिसाच को जेल भिजवादो, और रुचिकाओं की अब 'बलि' र...
-
भारत एक विशाल देश है. इसमें अनेक भाषाओँ के बोलने वाले लोग हैं, जो विभिन्न प्रान्तों में रहते हैं. भारतवासियो के धर्म भी अलग-अलग हैं, कोई हिन...
-
दुर्भाग्य मेरे देश का, जो स्वार्थी नेता पैदा हुए, अपनी झोली भरने को, देश बाँटने में लगे हुए. भाषा, प्रान्त, और धर्म को हथियार बना लिया, विका...
No comments:
Post a Comment