उठ जाओ संघर्ष करने, गर जीवन को आगे बढ़ाना है,
चुप रहकर, उदासीनता से बस दुःख ही को पाना है.
दुःख सहते ही आये हो, और कितना, सहोगे?
अपनी संतान और भावी पीढ़ी को क्या ऐसे ही आबाद करोगे ?
हार न मानो आगे बढ़ो, अब तुम्हारा समय भी आएगा,
जिंदा रहते, इस दुनिया में, उचित परिणाम भी पायेगा ।
किसी के छलावे में न आना, लक्ष्य अपना तू याद रख,
बढ़ता जा नदियों सा, जीवन में, गतिशीलता जारी रख.
क्यों कोई तुझे मुर्ख बनाये, बुद्धि का प्रयोग कर,
सोच कर ले निर्णय जीवन के, दूसरो पर न निर्भर कर,
बना अपना उज्जवल भविष्य, खुद की लिख तकदीर,
तेरा भला ही होगा, गर तू, समझे, अपनी सच में पीर,
समय आया तेरे हाथ में, इसे न बर्बाद कर,
अपने जीवन के सुखद पलों से, पीढ़ियों को आबाद कर.
कर चल ऐसा जीवन में, तेरी संताने धन्य हों,
आने वाला समय, उनके लिए ख़ुशी भरा और उज्जवल हो.
राज
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