हार न मान कभी जीवन में , बढ जा आगे, जंग कर
पीछे न हट लक्ष्य से, कर साहस, दरवाज़ा न बंद कर,
गर हे शोषित, तुम प्रयत्त्न करोगे, जीत तुम्हारी पक्की है,
परिश्रमी होकर भी क्यों भाई, अक्ल तुम्हारी कच्ची है?
संघर्षों को हरा जीवन में, पताका विजय की, ऊँची कर
धीरज से तू बढ़ता जा, अभावो को तू अब, दूर कर...
संघर्षों से हार मानकर, मौत न गले लगाना तुम,
पर जीवन में, आशा रखकर, ख़ुशी को अपनाना तुम
हार जायेगा विरोधी तुम्हारा, गर तुम उसका सामना करो
मज़बूती से दो, टक्कर, काम न उसका आसान करो
सामने के संघर्ष भी, देखो, एक दिन, हो जायेंगे फुर,
एक दिन दिखेगा, उज्जवल भविष्य, मिलेंगे सब सुर...
हार मिलना, कोशिश के बाद, सामान्य सी बात है
विजय मिलना कोशिशों के बाद, मर्दों वाली बात है.
हारकर न मर जीवन में, जीवन में कुछ संघर्ष कर
प्रियजनों और समाज की खातिर, सतत प्रयत्न कर
विजय दिन आएगा, तेरा, भरोसा रखके, चलता चल
बुजदिली न कर, फौलाद बन, जीवन में, बस बढ़ता चल...
सन्दर्भ : मेडिकल डॉक्टर पायल ताड़वी की मानसिक शोषण के पश्चात आत्म हत्या
राज