Monday, March 29, 2010

देश को आगे बढ़ने दो

देश को आगे बढ़ने दो, विकास के पहियें न थमने दो,
साथ-साथ तुम कदम बढाओ, देश का मान न घटने दो.
काम करो सब, चोरी नहीं, दुर्वय्सनो से दूर रहो ,
मेहनत की आओ रोटी खाएं, आलस्य के न पास रहो.

राजनीति भी चलने दो, सच्चे नेता को सहयोग दो,
वोट न करके, घर में रहके, गुंडों को न जोश दो.
देशहित की सोचो तुम, अपने ही की न बात करो,
समाज आगे कैसे बढेगा, परस्पर वार्तालाप करो.

सार्वजनिक संपत्ति को, मूल्यवान सदा  जानो तुम,
रेल, सड़क, और पानी को, यूहीं व्यर्थ न ठानो तुम.
देशप्रेम की भावना रखो, संकीर्णता का त्याग करो,
विकास कैसे होगा अपना, सदा इसका प्रयास करो.

राज

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