कहा किसी ने, "दुनिया का काम है कहना" ये बात पते की है,
अपने लक्ष्य पर, रखो निशाना, बाकि चीज़े सारी, धता सी है...
मैं होकर परेशां, न छोडूंगा मैंदान, मेरे लिए, बात पक्की सी है,
कौन डगमगायेगा, लक्ष्य से, सटीक बात, मेरे दिल में बैठी है.
अब जात-धर्म की परवाह नहीं, कोई कैसी भी बेइज्जती नहीं
हो गया हूँ, पार इनसे, अब मुख छिपाने की आवश्यकता नही,
मैं एक प्रितिष्ठित प्राणी, समझो न सामान्य मुझे, मैं आपके जैसा वही,
हैं सारे गुण और योग्यताएँ मुझ में, देखलो, देकर, एक अवसर कहीं,
मित्र, झूठ पर न करो विश्वास, कि आप किसी से कम हैं,
रख हिम्मत, आगे बढ़, दिखा कि, आप में भी वो दम है,
कर प्रमाणित, जीवन के कार्य से, अवसर को न जाने दो.
चिंता मत लो, आप जीवन की गाड़ी को, फर्राटे तो भरने दो.
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