नैतिकता की आओ बात करें, गर सुन्दर जहाँ बनाना है,
त्याग कर अपनी ख़राब सोच को, ईश्वर के बन जाना है।
झूठ पर न ये चलेगी दुनिया, फरेब पर भी प्रहार होगा,
गर सच्चाई से, हम इन्सान बने तो, सब का उत्थान होगा।
न गलत सिखाओ किसी को, गलत राह में न अग्रषित करो ,
झूठा अपना ढोंग त्याग कर, पूरी दुनिया को अनुग्रहित करो।
बाहरी आवरण त्याग दो भाई, भीतरी इन्सान की अब बात करे,
केवल दिखावा काम न आये, सच्ची नैतिकता की आओ बात करें।
सच्ची नेतिकता का पाठ, आदमी को उसकी सीमाओं में रखेगा,
गलत राह पर चलकर के, हे इन्सान, तू अपने स्तर से गिर जायेगा।
राज
त्याग कर अपनी ख़राब सोच को, ईश्वर के बन जाना है।
झूठ पर न ये चलेगी दुनिया, फरेब पर भी प्रहार होगा,
गर सच्चाई से, हम इन्सान बने तो, सब का उत्थान होगा।
न गलत सिखाओ किसी को, गलत राह में न अग्रषित करो ,
झूठा अपना ढोंग त्याग कर, पूरी दुनिया को अनुग्रहित करो।
बाहरी आवरण त्याग दो भाई, भीतरी इन्सान की अब बात करे,
केवल दिखावा काम न आये, सच्ची नैतिकता की आओ बात करें।
सच्ची नेतिकता का पाठ, आदमी को उसकी सीमाओं में रखेगा,
गलत राह पर चलकर के, हे इन्सान, तू अपने स्तर से गिर जायेगा।
राज