बचो और बचाओ, सही गाड़ी चलाओ,
अंधाधुंध गति से, व्यर्थ न जीवन गवाओं.
"कभी नहीं से देर भली" जल्दी ज्यादा ठीक नहीं,
अपने हित की ही मत सोचो, दूसरो से भी प्यार करो.
दोस्तों दुर्घटनाओ ने जीना बेहाल कर दिया है. इस ब्लॉग के माध्यम से ये कहना चाहता हूँ कि सड़क पर जल्दी मत करो, बल्कि आराम से, यात्रा का आनंद लेते हुए चले. जल्दी पहुँचने के लिए घर पर जल्दी करें, जल्दी उठने की आदत डाले, नहाने और श्रृंगार में समय बर्बाद न करे.
सड़क पर गाड़ी चलते समय याद रहे कि कोई घर पर, ऑफिस में, और रिश्तेदारी में आपकी और दूसरो की भी, प्रतिक्षा कर रहा है या कर रही है. अपने जीवन की भी रक्षा करें, अपनी गलती से और दूसरो की भी, जान न ले. अपनी सुरक्षा का ध्यान रखे और दूसरो की भी.
किसी के पति, बच्चे को मार कर या मरता देखकर आपको सिर्फ पछतावा ही हाथ लगेगा.
काश अपने देश में हम सब दुर्घटनाओं को न्यून कर दें.
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